हरियाणा भाजपा की सर्जरी की तैयारी: चपेट में आ सकते है कई भाजपाई दिग्गज

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सिरसा(प्रैसवार्ता)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिवसीय हरियाणा दौरे उपरांत दिखाई दिए गए आईने पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष नेतृत्व ने हरियाणा भाजपा की  सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी है, जिसकी चपेट में कई भाजपाई दिग्गजों के आने की संभावना है। सर्जरी से पार्टी संगठन के साथ साथ मनोहर सरकार भी प्रभावित हो सकती है। मुख्यमंत्री को रोहतक में अमित शाह की ओर से दी गई क्लीन चिट और इसी के नेतृत्व में चुनाव लडऩे के संकेत से मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावती ध्वज  उठाने वाले भाजपाईयों की बेचैनी बढ़ गई है। भाजपा आलाकमान की ओर से बराला प्रकरण, डेरा प्रमुख प्रकरण में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर मेहरबानी बनाए रखने से स्पष्ट संकेत मिलते है कि सरकार तथा संगठन में बदलाव की पटकथा लिखी जा रही है। भाजपाई सरकार तथा हरियाणा भाजपा पर टिप्पणी करने वाले कई भाजपाई दिग्गज इस सर्जरी की चपेट से बच नहीं सकेंगे। हाईकमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की शासन कार्यप्रणाली से पूर्णतया संतुष्ट है और भाजपाई मिशन 2019 के लिए मनोहर लाल नेतृत्व का कार्ड खेल सकता है। सीएम की स्वच्छ एवं ईमानदार छवि भाजपा के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। तीन वर्ष के भाजपाई शासनकाल में घटी तीन प्रमुख हिंसक घटनाओं से हरियाणावासी भले ही चिंतित हो, मगर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सीएम चेयर में किसी भी प्रकार की बेचैनी झलक दिखाई नहीं देती। डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम प्रकरण में हाईकोर्ट का हस्तक्षेप प्रभावी रहा, वहीं मनोहर सरकार की रणनीति को आंका नहीं जा सकता। मनोहर सरकार राम रहीम की पेशी से पूर्व यदि कोई सख्त कदम उठाती, तो राम रहीम अदालत में पेश नहीं होते और उसके बाद प्रदेश की बेकाबू स्थिति को नियंत्रण में लाना काफी महंगा पड़ सकता था। भाजपाई दिग्गजों का डेरा प्रेम जग जाहिर है। शिक्षा मंत्री को डेरा प्रमुख प्रकरण पर की गई टिप्पणी को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका के लेकर पहुँच गए है। अनुभवहीनता सरकार की डेरा प्रमुख प्रकरण में भूमिका को लेकर विपक्षी या अपने ही असंतुष्ट कोई राग अलापे, मगर अनुभवहीनता वाली सरकार की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय कहे जा सकते है, जोकि एक अनुभवी सरकार द्वारा भी नहीं किए जा सकते थे। मनोहर सरकार को क्लीन चिट देते हुए भाजपा आलाकमान ने संगठन तथा सरकार में सर्जरी करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे किसी भी समय अमलीजामा पहनाया जा सकता है। ऐसी संभावना है कि मनोहर सरकार को लेकर बगावती बीन बजाने वालों पर सर्जरी की गाज गिर सकती है, जिसमें प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री का नाम शामिल होने की चर्चा है।

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