भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बराला समर्थक भी आ सकते है राजनीतिक चपेट में

subhash barala
सिरसा(प्रैसवार्ता)। विपक्षी दलों के अतिरिक्त अपनों के ही फोक्स पर आ चुके भाजपा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के साथ साथ उनके समर्थकों पर भी गाज गिरने के आसार बनते जा रहे है। बराला अपने पुत्र विकास बराला की ओर से एक आईएएस अधिकारी की बेटी से छेड़छाड़ करने व अपहरण के प्रयास को लेकर सुर्खियों में है। इससे पूर्व बराला अपने भतीजे विक्रम बराला को लेकर विवादों में रहे है। विक्रम पर एक लड़की के अपहरण का मामला दर्ज है। विकास बराला प्रकरण में चंडीगढ़ पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे है और सवालों का जवाब न देने पर एसएसपी चंडीगढ़ डॉ. ईश सिंगल प्रैस संवाददाता सम्मेलन को बीच में ही छोड़कर जा चुके है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी इसे अदालत में ले जाने की बात कर रहे है। भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने भी बराला प्रकरण की तीखी भत्र्सना करते हुए त्याग पत्र की मांग की है। पानीपत में भाजपाई सांसद का पुतला तक जला चुके है। इस हाई-प्रोफाइल छेड़छाड़ प्रकरण पर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, सीएम दिल्ली अरविंद केजरीवाल, सीएम पंजाब कैप्टन अमरेंद्र सिंह, हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, इनैलो सांसद दुष्यंत चौटाला, कांग्रेसी दिग्गज शकील अहमद, राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ साथ कुण्डू चौगामा खाप अपने तीखे तेवर दिखा चुके है। हरियाणा राज्य मेंं कांग्रेस व इनैलो ने प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू कर दिया है। देशभर के कई आईएएस इस संबंध में सक्रिय होकर सरकार पर दवाब बनाने जा रहे है, ताकि दोषीगण कानूनी गिरफ्त से बाहर न निकल पाए। बराला प्रकरण अभी थम नहीं रहा कि फतेहाबाद, हिसार में भाजपाईयों की दबंगाई सामने आने से भाजपा की छवि को गहरा झटका लगा है। सुभाष बराला का पुतला जलाने जा रही दो युवतियों पर तरल पदार्थ का फैंका जाना भी एक दबंगई के रूप में देखा जा सकता है। भाजपा नेता रामवीर भाटी का बयान भी भाजपा के गले की फांस बन गया है। राष्ट्रीय स्तर का बहस का मुद्दा न बन जाए, इसलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को इस प्रकरण पर संज्ञान लेना चाहिए, अन्यथा यह प्रकरण जनमुद्दा बनकर भाजपा की बेचैनी बढ़ा सकता है। आसार तो ऐसे नजर आ रहे है कि बराला के साथ साथ उनके समर्थकों पर भी राजनीतिक गाज गिर सकती है, जिसके लिए बकायदा भाजपाई ही पटकथा लिखने जा रहे है। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ पुलिस की संदिग्ध भूमिका देखते हुए एसएसपी डॉ. ईश सिंघल का तबादला कर नीलांबरी जगदाले की नियुक्ति के आदेश जारी किए है। एसएसपी के तबादले के साथ ही बराला प्रकरण में कानूनी बदलाव की संभावना बढ़ गई है।

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