भाजपाई मिशन 2019: कई भाजपाई उम्मीदों पर लग सकता है ग्रहण

फतेहाबाद(प्रैसवार्ता)। भाजपा के मिशन 2019 को लेकर लोकसभा के बाद हरियाणा विधानसभा के लिए हुए सर्वे को लेकर कई भाजपाई दिग्गजों का राजनीतिक भविष्य दाव पर लगता दिखाई दे रहा है। फतेहाबाद के तीन विधानसभाई क्षेत्रों टोहाना, फतेहाबाद व रतिया में भाजपा नए चेहरों को चुनावी समर में उतारने की तैयारी में जुट गई है। भाजपा के टोहाना से विधायक सुभाष बराला के प्रति लोगों की बढ़ती नाराजगी तथा उनके बेटे विकास बराला प्रकरण के चलते भाजपाई शीर्ष नेतृत्व किसी नए चेहरे की तलाश में है, जबकि रतिया से कांटे की टक्कर देने वाली सुनीता दुग्गल को संसदीय क्षेत्र सिरसा से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। फतेहाबाद में भाजपाई टिकट के दावेदारों की लंबी फौज है, मगर भाजपा के राष्ट्रीयाध्यक्ष अमित शाह की रणनीति मुताबिक दो या इससे ज्यादा बार पराजित रहने वालों को टिकट नहीं दी जाएगी। फतेहाबाद की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर में कांग्रेस से दूडाराम, समांतर कांग्रेस से प्रहलाद राय गिलांखेडा,, इनैलो से मौजूदा विधायक बलवान दौलतपुरिया तथा भाजपा से पंजाबी नेता संत कुमार एडवोकेट तथा भाजपा के जिला प्रधान वेदफूलां संभावित उम्मीदवार हो सकते है। सर्वे के अनुसार गिलांखेडा, बलवान दौलतपुरिया तथा वेदफूलां अलग-अलग राजनीतिक दलों के अतिरिक्त जाट समुदाय से संबंधित है। इस प्रकार जाट वोट बैंक तीन भागों में बंट सकता है, जबकि दूडाराम की जाट मतदाताओं पर प्रभावी पकड़ है। भाजपा का अब फोक्स संत कुमार एडवोकेट पर है, जिन्हें पंजाबी मतदाताओं के साथ साथ गैर जाटों का समर्थन मिल सकता है। भाजपा समर्थक जाट भी संत कुमार एडवोकेट के लिए लाभदायक साबित हो सकते है। भाजपा यदि  संत कुमार पर दाव खेलती है, तो उसे पूरे प्रदेश में पंजाबी समुदाय से भी फायदा मिल सकता है, क्योंकि संत कुमार पिछले चार  दशक से पंजाबी समुदाय के लिए संघर्ष करते हुए पूरे प्रदेश में विशेष पहचान रखते है। संत कुमार पर भाजपाई फोक्स को लेकर भाजपाई शीर्ष नेतृत्व का मंथन भी शुरू हो चुका है, ऐसी चर्चा है।

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