प्रशासन के समक्ष अब अगली चुनौती मोहल्ला थेहड़

सिरसा(प्रैसवार्ता)। डेरा सच्चा सौदा में सर्च आपरेशन उपरांत प्रशासन को मोहल्ला थेहड़ प्रकरण से निपटना होगा, जिसे एक चुनौती कहा जा सकता है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में मोहल्ला थेहड़ को खाली करवाने की याचिका पर 15 सितंबर को सुनवाई होनी है। यदि हाईकोर्ट थेहड़ परिसर खाली करवाने का आदेश दे देती है, तो पिछले सात दशक से थेहड़ पर रह रहे तीन हजार से ज्यादा परिवार बेघर हो जाएंगे, जो प्रशासन की परेशानी बढ़ा सकते है। काबिलेगौर है कि पुरातत्व विभाग की ओर से वर्ष 2016 में 20 मई तक अपने घर खाली करने के नोटिस दिए गए थे। नोटिस मिलने के बाद मोहल्ला थेहड़ वासियों में हडकंप मच गया था और उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसी बीच यह मामला हाईकोर्ट चल गया, जिसमें 3050 मकानों को बचाने की याचिका दायर कर गुहार लगाई गई। नगर परिषद सिरसा के वार्ड नंबर 21, 22, 23, 24 से मोहल्ला थेहड़ जुड़ा हुआ है और इस मोहल्ले में गरीब लोगों की रिहाईश है, जिन्होंने छोटे-छोटे रैन बसेरे बनाए हुए है। परिषद, विद्युत निगम व जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोहल्ला थेहड़ में पक्की गलियां, नालियां, बिजली व पेयजल उपलब्ध करवाया हुआ है। इस पूरे प्रकरण में इतिहासकारों का मानना है कि 11वीं शताब्दी में इस टीले एवं थेहड़ वाले स्थान पर एक किला था। करीब 130 फुट की ऊंचाई पर बने इस थेहड़ पर विदेश आक्रमणकारियों ने आक्रमण किया, तो इस आक्रमण में किला पूरी तरह से तहस नहस हो गया और किले ने मिट्टी के विशालकाय टीले का रूप ले लिया। इसलिए थेहड़ पुरातत्विक महत्त्व रखता है। खाली जगह देखकर लोगों ने अवैध रूप से झुग्गी झोपडिय़ों और फिर छोटे छोटे मकान बनाकर रहना शुरू कर दिया और अब 3050 से ज्यादा परिवार मोहल्ला थेहड़ में रह रहे है। हाईकोर्ट में चल रही इस प्रकरण की सुनवाई को लेकर थेहड़वासियों की चितांए बढ़ गई है और प्रशासन भी हाईकोर्ट के निर्देश की तरफ टिकटिकी लगाए हुए है।

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