हरियाणा भाजपा लोकसभा प्रत्याशियों में, कई नए चेहरों पर है फोक्स

सिरसा(प्रैसवार्ता)। भाजपा के मिशन 2019 को अमलीजामा पहनाने के लिए हरियाणा भाजपा ने लोकसभा के लिए प्रत्याशियों पर सर्वे शुरू कर दिया है। भाजपा का फोक्स कुरुक्षेत्र, भिवानी, हिसार, रोहतक व सिरसा पर रहेगा, जबकि करनाल, अंबाला तथा सोनीपत के मौजूदा सांसदों को दर किनार भी किया जा सकता है। भिवानी से सांसद धर्मवीर लोकसभा चुनाव न लडऩे का ऐलान कर चुके है। कुरुक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी हरियाणवी राजनीति में दस्तक देते हुए अपना नया राजनीतिक मंच बना सकते है। अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया, सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक को भाजपाई शीर्ष नेतृत्व झटका दे सकता है। रोहतक, हिसार तथा सिरसा पर कांग्रेस व इनैलो का कब्जा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने हरियाणा दौरे के दौरान रोहतक, हिसार व सिरसा पर भी भगवा ध्वज फहराने को लेकर विशेष निर्देश भाजपा हरियाणा को दिए थे, मगर मौजूदा सात संसदीय क्षेत्रों में भाजपा का प्रतिनिधित्व होते हुए भी पांच संसदीय क्षेत्रों में भगवा ध्वज हिचकोले खा रहा है। हरियाणवी राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि भाजपा हरियाणा रोहतक, हिसार व सिरसा के अतिरिक्त करनाल, अंबाला, सोनीपत, भिवानी तथा कुरुक्षेत्र में नए चेहरों को चुनावी समर में उतार सकती है। गुरुग्राम तथा फरीदाबाद संसदीय क्षेत्रों को छोड़कर अन्य सभी संसदीय क्षेत्रों  के लिए सशक्त प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी है, जो मिशन 2019 पर खरा उतर सके। हरियाणवी मतदाताओं की नब्ज टिटोलने के  लिए भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सर्वे शुरू करवा दिया है। इसके अतिरिक्त इंटेलीजेंस ब्यूरों से भी रिपोर्ट ली जा रही है। भाजपा ने संसदीय क्षेत्र सिरसा में भी पैर जमाने शुरू कर दिए है। सिरसा में कंबोज समुदाय का सम्मेलन, सिख मतदाताओं को अपनी ओर से आकर्षित करने के लिए दशमेश गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां जन्मदिवस प्रदेशस्तरीय पर सिरसा में मनाने, इसी संसदीय क्षेत्र के जिला मुख्यालय फतेहाबाद में विमुक्त, घुमंतु जातियों का सम्मेलन को इसी रणनीति के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले संसदीय क्षेत्र सिरसा के 9 विधानसभा क्षेत्रों में से 8 पर इनैलो का प्रतिनिधित्व है, जबकि इकलौते भाजपाई विधायक तथा भाजपा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला अपने बेटे विकास बराला प्रकरण को लेकर विवादित है। इसी संसदीय क्षेत्र में सेंधमारी भाजपा के लिए आसान नहीं कही जा सकती, क्योंकि वर्तमान में न तो प्रदेश में मोदी लहर है और न ही भाजपाई शासन से लोग खुश दिखाई देते है। चर्चा है कि भाजपा इस संसदीय क्षेत्र से सुनीता दुग्गल पर दाव खेल सकती है, जो संसदीय क्षेत्र में न सिर्फ सक्रिय है, बल्कि विधानसभा क्षेत्र रतिया से अपना चुनावी भाग्य भी अजमा चुकी है।

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