भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है हरियाणा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा की मनोहर सरकार, जहां प्रदेश में आईएएस तथा एचसीएस अधिकारियों की कमी से जूझ रही है, वहीं इसी वर्ष पांच आईएएस सेवानिवृत्त होने जा रहे है। 205 आईएएस हरियाणा कैडर से है, मगर 147 कार्यरत है, जिनमें से दो चंडीगढ़ प्रशासन तथा पंद्रह केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्त पर है। इसी प्रकार एचसीएस के 257 कैडर में 202 कार्यरत है, जबकि पिछले वर्ष 49 नए अधिकारियों को नियुक्ति दी गई है। प्रदेश के तीन दर्जन अधिकारी आईएएस की कतार में है, मगर अदालती प्रक्रिया बाधक बनी हुई है। प्रदेश में अफसरशाही की भारी कमी है, जिस कारण एक अधिकारी के पास कई कई विभागों का अतिरिक्त कार्यभार है। ऐसी स्थिति में विभागों में पड़ी फाइलों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है, जो लोगों में निरंतर इजाफा देखा जाने लगा है। सूत्रों के मुताबिक 30 सितंबर को राजन गुप्ता, 31 अक्टूबर को सर्वश्री अशोक लावसा, सुप्रभा दहिया तथा चंद्रप्रकाश व 31 दिसंबर को एसएस ढिल्लों आईएएस सेवानिवृत्त हो रहे है, जबकि श्यामा मिश्रा, दीप्ती उमाशंकर, जी अनुपमा, आनन्द मोहन, अरूण कुमार, टीवीएनएस प्रसाद, तरूण बजाज, अशोक लावसा, युद्धवीर मलिक, सरीना राजन, रजनी शेखरी सिब्बल, राजीव अरोड़ा केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर है।

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