वोट राजनीति से दूर रहा है डेरा ब्यास

सिरसा(प्रैसवार्ता)। राधा स्वामी सत्संग ब्यास, जिसका एक डेरा सिरसा से करीब पांच किलोमीटर दूर ग्राम सिंकदरपुर में भी है, उत्तरी भारत के सबसे बड़े डेरों मे से एक है और इसका प्रसार विदेशों में भी हो चुका है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार राधा स्वामी सत्संग की शुरूआत 1891 में बाबा चरण सिंह के नेतृत्व में हुई थी, जो रुहानी पौधा बड़ा हो गया है। विश्वभर में इसकी शाखाएं फैल गई है। वर्तमान में डेरा प्रबंधन द्वारा पांच अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार किया जाता है, जबकि लगभग 70 स्कूलों में शिक्षा दी जा रही है। डेरा ब्यास की एक विशेषता यह भी है कि इससे जुड़े श्रद्धालु जरुरतमंदों की मदद को तव्वजों देते है और किसी से किसी भी प्रकार की ज्यादती नहीं होने देते। केवल इतना ही नहीं, डेरा ब्यास में वोटों की राजनीति भी नहीं की जाती है, जबकि यहां राजसी दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहता है। डेरा ब्यास की ओर से चुनावों के दौरान स्पष्ट कर दिया जाता है कि अपनी मर्जी से वोट डाले। हरियाणा तथा पडौसी प्रदेश पंजाब में कई ऐसे डेरे है, जिनमें काफी संख्या में श्रद्धालु है और राजसी दिग्गजों श्रद्धालुओं को प्रभावित करने के लिए डेरा प्रमुखों के समक्ष नतमस्तक भी होते देखे जा सकते है।

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