हनीप्रीत से मिलने की राम रहीम की इच्छा पर लुकआऊट नोटिस का साया

सिरसा(प्रैसवार्ता)। साध्वी यौन शोषण में 20 वर्ष की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने जेल प्रशासन से हनीप्रीत से मिलने की गुहार लगाई है, जो कानूनी दायरे में उलझ कर रह गई है। जेल के नियमानुसार हनीप्रीत को गुरमीत राम रहीम से मिलने के लिए पंजीकृत गोदनामा व अदालती स्वीकृति दिखानी होगी। यदि हनीप्रीत इस नियम पर खरा उतर जाती है, तो उसके लिए लुकआऊट नोटिस उसे गिरफ्तार करवा सकता है। गिरफ्तारी से बचने के लिए हनीप्रीत राम रहीम की गुहार को तव्वजों नही देगी। इधर हनीप्रीत की गोद प्रक्रिया पर कानूनी सवाल उठ रहे है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार हिंदु एडापटन एंड मेंटेनेस एक्ट के सैक्शन 11 के भाग 3 व 4 स्पष्ट करते है कि गोद लेने वाले से गोद लिया जाने वाले की उम्र के बीच 21 वर्ष का अंतर होना जरूरी है, जबकि गुरमीत और हनीप्रीत की उम्र में 15 साल का ही अंतर हैं। सैक्शन 10 इसकी पुष्टि करता है कि 15 वर्ष तक के बच्चे को ही गोद लिया जा सकता है। आयु सीमा इसलिए निर्धारित की गई है, ताकि रिश्ते की पवित्रता बनी रहे और अभिभावकों द्वारा बच्चे के शारीरिक शोषण की गुजाईंश न रहे। इसी बीच डेरा सच्चा सौदा चेयरपर्सन विपासना इन्सां ने स्पष्ट कर दिया है कि 25 अगस्त के बाद हनीप्रीत का डेरा सच्चा सौदा से कोई तालुक्क नहीं है। सूत्रों की मानें, तो डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने वर्ष 1990 में ही हनीप्रीत को गोद लिया था। हनीप्रीत की शादी डेरा सच्चा सौदा परिसर में डेरा नियमों के अनुसार हुई थी और हनीप्रीत का अपने पति विश्वास गुप्ता से तलाक अदालत बजरिये हुआ था। हनीप्रीत के पति रहे विश्वास गुप्ता ने डेरा प्रमुख व हनीप्रीत के बीच संबंधों पर तीखी टिप्पण्ी की थी। राम रहीम द्वारा हनीप्रीत से मिलने की गुहार पर साया मंडराता नजर आने लगा है, क्योंकि इस मुलाकात में कई कानूनी अड़चने व कानूनी भय आड़े आ रहे है।

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