दशमेश गुरु पोशाक प्रकरण: अकाली सरकार थी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के समर्थन में

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पंजाब के जिला मुख्यालय बठिंडा से दो बार अकाली पार्षद रहे रजिन्द्र सिंह सिधु ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के दशमेश गुरु पोशाक प्रकरण की पुन: जांच की डुगडुगी बजाते हुए अकाली दल की बेचैनी बढ़ा दी है। सिधु ने डेरा प्रमुख द्वारा डेरा सलाबतपुरा में सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह की तर्ज पर उन जैसी पोशाक पहनकर अमृतदात देने के स्थान पर जाम-ए-इन्सां की शुरूआत करने पर डेरा प्रमुख के खिलाफ 20 मई 2007 को भादंसं की धारा 295 के तहत कोतवाली थाना में मामला दर्ज करवाया था। सरकारी दवाब के चलते पुलिस ने तीन साल तक इस मामले में चालान अदालत में पेश नहीं किया, बल्कि 30 जनवरी 2012 को अदालत में एक अर्जी के साथ शिकायतकर्ता का एक जाली हल्फिया बयान दायर करते हुए कहा कि उसने जो देखा है, वहीं आंखों देखा न होकर अखबारों में छपी खबर अनुसार है। शिकायकर्ता के राजनीतिक दवाब के चलते चुप रहने पर 2014 में केस रद्द हो गया था। राजिंद्र सिधु ने संकेत दिया है कि वह अपनी आत्मा की आवाज पर यह केस पुन: खुलवाकर सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा दिलवाने के लिए अदालत में गुहार लगाएंगे। सिधु के संकेत से अकाली दल में बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि डेरा प्रमुख के समर्थन ने अकाली दल की पोल खोल दी है।

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