दलित कांग्रेसी विधायक खोलेंगे खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसान, व्यापारी व दलित पंचायतों द्वारा दिखाए गए आईने का गहन अध्ययन करने के बाद अपनी फौज को राजनीतिक अखाड़े में उतारते हुए खट्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जो 8 अक्टूबर को अंबाला, 29 अक्टूबर को हिसार, 12 नवंबर को गुरुग्राम तथा 26 नवंबर को रोहतक में दलित पंचायतों का आयोजन करेंगे। इन सभी आयोजनों में भूपेंद्र हुड्डा बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। हुड्डा फौज के दलित कांग्रेसी विधायक गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, जयवीर वाल्मीकि, कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूल चंद मुलाना सहित कई दिग्गजों को दलित पंचायतों को सफल बनाने के लिए जिम्मेवारी सौंपी गई है। हुड्डा फौज की ओर से खोले जाने वाले मोर्चे पर पलटवार करते हुए भाजपा के मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने अशोक तंवर का उत्पीडऩ बंद करने का मश्वरा दिया है। तंवर दलित समुदाय से संबंधित है और भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों की ओर से दिल्ली में अशोक तंवर के साथ मारपीट की गई थी। हुड्डा फौज भाजपाई शासन की ओरी से दलित वर्ग के लिए कांग्रेसी सरकार के कार्यकाल में आरंभ हुई योजनाओं को बंद करने का विरोध करते हुए दलित समाज के लोगों को अवगत करवाएगी, वहीं भाजपा शासन में दलित समाज पर हुई ज्यादतियों को उजागर कर सकती है। इससे पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक विशेष वर्ग का नेतृत्व संभाजने के प्रयास में विफल रह चुके है। भूपेंद्र हुड्डा के इस दलित प्रेम को हरियाणा के दलित समाज में कोई विशेष तव्वजों नहीं दी जा रही, क्योंकि अशोक तंवर मारपीट प्रकरण से दलित समाज भूपेंद्र हुड्डा से खफा हो चुका है।

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