हरियाणवी राजनीति को केंद्र ने पुन: दिया राजनीतिक घाव

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मोदी सरकार द्वारा पांच राज्यों तथा एक केंद्र शासित प्रदेश की चौधर का वितरण करते हुए हरियाणवी राजनीति को एक गहरा राजनीतिक घाव दिया है, जबकि इसमें पहले केंद्रीय मंत्रीमंडल में फेरबदल दौरान हरियाणा को कोई तव्वजों नहीं दी गई। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिवसीय हरियाणा दौरे कें दौरान मिले फीडबैक से स्पष्ट हो गया था कि प्रदेश में भाजपा के मिशन 2019 का कोई असर नहीं रहेगा। इसलिए उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को नेतृत्व व संगठन में बदलाव का संकेत दे दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर प्रसन्न नजर नहीं आए। मोदी की प्रसन्नता हरियाणा में भाजपा को क्या आईना दिखाएगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर हरियाणवी राजनीति में भाजपा दिग्गजों की अनदेखी भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं कही जा सकती। केंद्र सरकार की सिफारिश जिन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश राज्यों में गर्वनर बनाने की सिफारिश की जानी थी, उसमें सिरसा के पूर्व विधायक एवं भाजपा अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशी लाल का भी नाम था, मगर अंतिम क्षणों में प्रो. गणेशी लाल का नाम काट दिया गया। केंद्र सरकार के आग्रह पर राष्ट्रपति ने बिहार के लिए सत्यपाल मलिक, असम के लिए जगदीश मुखी, अरूणाचल के लिए सेवानिवृत्त बिग्रेडियर बी डी मिश्रा, तामिलनाडू के लिए बनवारी लाल पुरोहित तथा मेद्यालय के लिए गंगा प्रसाद को गर्वनर नियुक्त किया है, जबकि अंडेमान निकोबर के लिए देवेंद्र जोशी को उप राज्यपाल नियुक्त किया गया है। हरियाणा से हुए राजनीतिक मतभेद के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दिखाए गए आईने के रूप में देखा जा रहा है।

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