हरियाणा में आधा दर्जन से ज्यादा चेयरमैन हो सकते हैं पदमुक्त

सिरसा(प्रैसवार्ता)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा खुफिया सर्वे उपरांत हरियाणा में दूसरी पारी खेलने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने स्वच्छ एवं स्वस्थ व ईमानदार छवि को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को ही विजय परचम फहराने की हरी झंडी देते हुए मंत्री मंडल तथा संगठन में बदलाव की सिफारिश को कहा है, क्योंकि गुजरात चुनाव परिणाम उपरांत हरियाणा की भाजपा की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल हो सकता है। फेरबदल में कई बोर्ड तथा निगमों के चेयरमैन पद मुक्त किए जा सकते है, जिन पर संगठन, सरकार तथा जन भावनाओं पर खरा न उतरने का आरोप है। पांच विधानसभा क्षेत्रों के सिरसा जिला से कोई भी भाजपा विधायक नहीं है, मगर मौजूदा भाजपा सरकार ने पांच चेहरों को बोर्ड व निगमों का चेयरमैन बनाया हुआ है, जिनमें से जगदीश चौपड़ा को हरियाणा पर्यटन विभाग, गुरुदेव सिंह राही को हरियाणा माटी कला बोर्ड, पवन बेनीवाल को हरियाणा बीज विकास निगम, रेणू शर्मा को हरियाणा महिला बाल विकास तथा डॉ. कुमुद बांसल को हरियाणा साहित्य अकादमी की कमान सौंपी हुई है। पवन बैनीवाल को छोड़कर तीनों चेयरमैनों को यह चौधर मौजूदा पर्यटन निगम के चेयरमैन जगदीश चौपडा की बदौलत मिली है, जब चौपडा मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सलाहकार थे। प्रो. गणेशी लाल व जगदीश चौपड़ा की राजनीतिक आँख मिचौली से जिला की भाजपा का जनाधार तेजी से कम होता देखकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने मोर्चा संभालते हुए शीर्ष नेतृत्व को जिला भाजपा की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है, जिस पर शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा संज्ञान लेते हुए माटी कला बोर्ड के परिवारिक विवादित चेयरमैन गुरदेव सिंह राही, हरियाणवी कवियों व साहित्यकारों की अनदेखी कर दिल्ली तथा यूपी  की प्रतिमाओं पर बजट खर्च करने के मामले में चर्चित हरियाणा साहित्य अकादमी की निर्देशिका डॉ. कुमुद बांसल तथा महिला बाल विकास निगम की चेयरपर्सन रेणु शर्मा पर फोक्स बना लिया है और क्यास लगाया जा रहा है कि फेरबदल के प्रथम चरण में इन तीनों को पदमुक्त किया जा सकता है।  संघ के सुझाव पर भाजपा जिला सिरसा में निष्क्रिय हो चुके भाजपाई दिग्गजों को पुन: सक्रिय करने तथा राजनीति में रूचि रखने वाले युवा वर्ग तथा महिलाओं को भाजपा के साथ जोडने के लिए एक विशेष मुहिम शुरू किए जा रही है, जिसके लिए बकायदा भाजपा के जिलाध्यक्ष यतिन्द्र सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में कमेटी गठित की जाने की कवायद शुरू हो चुकी है।

No comments