राहुल की ताजपोशी उपरांत बदलेगी हरियाणवी कांग्रेस की तस्वीर - The Pressvarta Trust

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Tuesday, November 28, 2017

राहुल की ताजपोशी उपरांत बदलेगी हरियाणवी कांग्रेस की तस्वीर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा तथा विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी को अर्श से फर्श पर लाने वाले कांग्रेसी विधायकों को हाईकमान की ओर से कोई तवज्जो न देने से उनकी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गई है। इससे उन्हें उम्मीद भी दिखाई नहीं देती कि राहुल गांधी की दिसंबर माह में होने वाली ताजपोशी से उन्हें कोई राजनीतिक फायदा होगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयानुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को किसी भी समय राष्ट्रीयाध्यक्ष बनाया जा सकता है और क्यास लगाए जा रहे है कि राहुल गांधी की ओर से पार्टी की कमान संभालते ही कई राज्यों में कांग्रेस संगठन में बदलाव किया जा सकता है, जिसमें हरियाणा प्रदेश भी शामिल है। संभावित फेरबदल को देखते हुए हरियाणवी कांग्रेस में हलचल शुरू हो गए हैं। वर्तमान में हरियाणा प्रदेश में कांग्रेस के साथ साथ समांतर कांग्रेस चल रही है। डॉ. अशोक तंवर हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समांतर कांग्रेस की कमान संभाले हुए है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा व डॉ. अशोक तंवर के राजनीतिक मतभेद जगजाहिर है। तंवर की प्रधानगी से हरियाणा में कांग्रेस को काफी मजबूती मिली है, दूसरी तरफ भूपेंद्र हुड्डा समर्थक कांग्रेस दिग्गज डॉ. तंवर की प्रधानगी को लेकर एक मुहिम चलाए हुए हैं और निरंतर तंवर की ओर से आयोजित जनसभाएं तथा बैठकों से दूरी बनानी जारी रखे हुए हैं। तंवर के नेतृत्व से खफा हुड्डा समर्थक हरसंभव प्रयास कर चुके हैं कि हरियाणवी कांग्रेस को तंवर मुक्त बनाया जाए, जबकि तंवर की कांग्रेस को समर्पित कार्यशैली से हरियाणा कांग्रेस फर्श से ऊपर उठ रही है। हुड्डा समर्थकों की ओर से तंवर को बदलने के लिए किए गए शक्ति प्रदर्शन और दवाब की राजनीति के चलते शीर्ष नेतृत्व ने तीन प्रभारी नियुक्त कर हरियाणवी कांग्रेस संबंधी जानकारी प्राप्त कर रिपोर्ट हासिल की, जिसमें तंवर की प्रधानगी को सही ठहराया गया। राहुल की ताजपोशी के बाद हरियाणवी कांग्रेस की तस्वीर कैसी रहेगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर यदि समांतर कांग्रेस अपने मिशन में कामयाब हो जाती है, तो कांग्रेस की स्थिति वर्ष 2014 जैसी हो सकती है, ऐसा राजनीतिक पंडि़तों का मानना है।

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