दलित वोट बैंक के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा भरेंगे फतेहाबाद में हुंकार

प्रैसवार्ता न्यूज: सिरसा, 04 नवंबर ।  हरियाणा में मौजूदा भाजपाई शासन में दलित वर्ग में बढ़ रहे उत्पीडऩ को राजनीतिक रंग देकर दलित वोट बैंक पर डोरे डालने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा 16 नवंबर को फतेहाबाद में दलित पंचायत के बैनर तले अपनी हुंकार भरेंगे, जिसके लिए कांग्रेसी जाट दिग्गज प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा तथा केवी सिंह ने सक्रियता बढ़ा दी है। राज्य में प्रदेश कांग्रेस की कमान दलित वर्ग से संंबंधित डॉ. अशोक तंवर के हाथ में है और भूपेंद्र सिंह हुड्डा से डॉ. तंवर के राजनीतिक मतभेद जग जाहिर है। भूपेंद्र हुड्डा से तंवर के छत्तीस के आंकड़े के चलते हुड्डा समर्थक तंवर पर आक्रमण करके उन्हें घायल भी कर चुके है। हुड्डा के फतेहाबाद में दर्शाये जाने वाले दलित प्रेम को लेकर तंवर के संसदीय क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रम से दलित वर्ग अचम्भे में है। तंवर सिरसा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कर चुके है और फतेहाबाद उनके संसदीय क्षेत्र में आता है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा फतेहाबाद में दलित पंचायत के माध्यम से अपने राजनीतिक विरोधी दलित वर्ग के अशोक तंवर को चुनौती देकर दलित प्रेम की परिभाषा पर सवालिया निशान लगा रहे है। प्रदेश में हुई कांग्रेस दुर्गति से कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा से खफा है, तो दूसरी तरफ हुड्डा का राजनीतिक परिवार भी तेजी से बिखर रहा है। अपने खिसकते जनाधार और आलाकमान की अनदेखी के चलते हुड्डा ने कई जनसभाओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन, भाजपाई दिग्गजों से मंत्रणा कर राजनीतिक दवाब बनाने, अपने समर्थक विधायकों द्वारा पार्टी प्रधान बदलने को लेकर इस्तीफा देने की पैतरेंबाजी दिखाई,मगर शीर्ष नेतृत्व पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। हुड्डा की राजनीतिक पैतरेंबाजी तथा तंवर का विरोध हुड्डा पर ही भारी पड़ता नजर आ रहा है, क्योंकि हुड्डा का हर राजनीतिक प्रयास असफल हो रहा है।
     दलित नेता एवं हरियाणवी कांग्रेस के मुखिया अशोक तंवर के संसदीय क्षेत्र सिरसा के फतेहाबाद में हुड्डा द्वारा दर्शाये जाने वाले दलित प्रेम क्या  रंग लाएगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर इस कार्यक्रम की कमान जाट दिग्गज कांग्रेसियों के हाथ में होने से हुड्डा के दलित प्रेम पर प्रश्र चिह्न अंकित कर रही है।

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