उद्धघाटन के इंतजार में जर्जर हुआ स्लाटर हाऊस

प्रैसवार्ता न्यूज, सिरसा, 29 नवंबर(जीएन भार्गव)। आम जनता की सुविधाओं हेतु सरकार चाहे लाख प्रयत्न कर ले परंतु उन सुविधाओं का लाभ जनता को तब तक नहीं मिल सकता जब तक कि संबंधित विभागों के अधिकारी सरकार के प्रयत्नों को अमलीजामा पहनाने में रुचि न लें। यही कुछ प्रतीत हो रहा है। ऐलनाबाद में 11 वर्ष पूर्व लाखों रुपयों की लागत से बने स्लाटर हाऊस (पशु वध गृह) की दुर्दशा को देखकर, जिसका नवनिॢमत्त भवन उद्धघाटन की बाट जोहते-जोहते शरारती तत्वों की गतिविधियों का शिकार होकर रह गया है तथा प्रशासन की उदासीनता के चलते इसका उपयोग अभी तक शुरु नहीं हो पाया है वहीं मांस बिक्री के लिए भेड़, बकरियों आदि को अभी भी कसाईयों द्वारा सरेआम गलियों व सड़कों पर स्थित कमरानुमा दुकानों या खोखों में काटा जा रहा है जिससे आमजन बूरी तरह परेशान है। सुनसान इलाके में बने इस स्लाटर हाऊस का भव्य भवन का लंबे अर्से तक कोई उपयोग न होने का लुत्फ शरारती तत्वों ने उठाया तथा स्लाटर हाऊस के रोशनदानों में लगे शीशे,दरवाजे चौखटे आदि भी उखाड़ कर ले गए। इसके अलावा दीमक ने भी कई दरवाजों को चटकर बूरी तरह से खोखला कर दिया है व वध गृह के परिसर में कंटीली झाडिय़ां उग आई है।
मीट विक्रेताओं के लिए ये है नियम 
इस प्रकार के पशु वध गृह का निर्माण इसलिए करवाया जाता है ताकि मांस विक्रेता गला-सड़ा मांस न बेच सकें तथा गली-मौहल्लों में पशुओं को न काटा जाए। कायदे के मुताबिक स्लाटर हाऊस में एक पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाती है जो यहां लाए जाने वाले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद स्वस्थ पाए जाने पर ही उसे काटे जाने की अनुमति प्रदान करता है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित कर लिया जाता है कि पशु किसी भी बीमारी से ग्रस्त नहीं है तथा इसका मांस खाना हानिकारक नहीं हो सकता परंतु ऐलनाबाद में काटे जाने वाले पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सक होने की बात तो दूर पशु वध गृह का उपयोग ही नहीं हो रहा है।
नगर मेंं रेलवे रोड़,डबवाली रोड़,ममेरां रोड़ के अलावा वार्ड न. एक व दो मेंं कुल नौ मीट की दुकाने है इन मेंं से कई दुकाने या खाखे तो धार्मिक स्थल एवं स्कूल से सट्टे हुए है। स्कूल जाने वाले नन्हे बच्चों व धार्मिक स्थल में आने वाले श्रद्धालुओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते ऐलनाबाद में बड़ी उम्र के पशुओं के अलावा बीमार तथा विभिन्न दुर्घटनाओं में घंटो पहले मरे पशुओं का मांस भी मांस विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने की शिकायते मिल रही है। स्लाटर हाऊस का उपयोग न होने के कारण पशुओं के पेट से निकली गंदगी को गलियों में ही फेंक दिया जाता है जिससे वातारण में बदबू के साथ साथ संक्रमण फैलता है।
क्या कहते है पालिका सचिव :-
पालिका सचिव सुरेंद्र  शर्मा ने बताया कि इस सलाटर हाउस में संक्रमण व प्रदूषण को रोकने के लिए पहले एक प्लांट स्थापित किया जाना है जिसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है जब यह प्लांट यहां लग जाएगा तब ही स्लाटर हाउस चालू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि उस से प्लांट से यहां फैलने वाले खून व मास के टुक्कडों से गंदगी आदि से संक्रमण नहीं होगा तथा वायु प्रदूूर्षन भी नही होगा। 

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