विधायकों की शैक्षणिक योग्यता ने बढाई कई विधायकों की धडकने

सिरसा (प्रैसवार्ता)। मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहरलाल खट्टर की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सांसदो व विधायकों की शैक्षणिक योग्यता बी.ए तय करने की सिफारिश ने कई सांसदो व विधायकों की बेचैनी बढ़ा दी है। निकट भविष्य में यदि सांसदो व विधायकों की शैक्षणिक की शर्त चुनाव लडने के लिए लगाई जाती है, तो कई सांसद व विधायक चुनाव नहीं लड पाएंगे। प्रदेश के 90 विधायकों मे से एक तिहाई विधायक बी.ए पास नहीं है, जिनमें से कृष्ण लाल पंवार परिवहन मंत्री, मनीष ग्रोवर सहकारिता मंत्री, बक्शीश सिंह विर्क, बलकौर सिह, बिमला चौधरी, हरीचंद मिड्ढा, जयवीर वाल्मीकी, जसविन्द्र संधू, कुलवंत बाजीगर, शकुतंला खटक, सिरी कृष्ण हुड्डा, मक्खन सिंगला, पृथ्वी सिंह, राजदीप, रणवीर गंगवा, रविन्द्र मछरौली, तेजपाल तंवर के अतिरिक्त सांसद चरणजीत रोड़ी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के सुझाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इनैलो सांसद दुष्यंत चौटाला का कहना है कि इस विषय पर जनता का फीड बैक लेने के बाद लोकसभा में प्रस्ताव रखना उचित रहेगा, न कि जबरदस्ती थोंपा जाना, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसका विरोध जताते हुए कहा है कि जनता की अगुवाई कोई भी कर सकता है। उनकी दलील है कि देश को आजाद करवाने में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी  कम पढ़े लिखे थे। मुख्यमंत्री का सुझाव क्या रंग लायेगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर इस सुझाव ने हरियाणवी राजनीति में हलचल मचा दी है।

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