सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्णय का हरियाणा विद्यालय...

मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का अध्यापक संघ ने जताया विरोध

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्णय का हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व एसटीएफआई कड़ा विरोध जताती है। इस संबंध में अध्यापक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष चिरंजीलाल, जिलाध्यक्ष सुनील यादव, सचिव बूटा सिंह, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह व प्रैस सचिव दिनेश मलिक ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षा बोर्ड को प्रिंसिपल, मुख्य परीक्षक, उप परीक्षकों पर भी शायद विश्वास नहीं है, क्योंकि इनकी विश्वसनीयता जांचने के लिए बोर्ड ने मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का तुगलकी फरमान जारी किया है। उन्होंने कहा कि एचटैट की परीक्षा के दौरान लगाए गए कैमरों के लिए भिवानी बोर्ड की ओर से 6000 रुपये तक किराया अदा किया था, जबकि इसकी कीमत महज 800 से 1 हजार रुपये तक ही थी। उन्होंने कहा कि बोर्ड का यह फरमान भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा, जिसका संघ कड़ा विरोध जताता है और मांग करता है कि इस फरमान को तुरंत वापिस लिया जाए और इसी के साथ मूल्यांकन की सैकेंडरी फीस 20 रुपये व सीनियर सैंकेंडरी फीस 25 रुपये प्रति कॉपी दी जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में शिक्षा बोर्ड ने यह फरमान जारी किया है कि बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान अगर कोई अवकाश आता है, तो अध्यापकों को स्कूल में जाकर ड्यूटी देनी होगी, जबकि स्कूलों में परीक्षाओं के दौरान छात्र होते ही नहीं है। वैसे भी शिक्षा बोर्ड अध्यापकों को सीधे तौर पर इस तरह के फरमान जारी नहीं कर सकता। इसके लिए बोर्ड को शिक्षा विभाग के निदेशक को लिखना होता है। अध्यापक संघ ने इसका भी कड़ा विरोध जताया है और बोर्ड अध्यक्ष व सचिव से अपनी हदों  में रहने का अनुरोध करते हुए इस तरह के फरमान को तुरंत प्रभाव से वापिस लेने की मांग करता है, अन्यथा अध्यापकों को संघर्ष की राह अपनानी होगी। इससे संबंधित निर्णय 28 व 29 मार्च को प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में लिया जाएंगे।

0 comments: