सिरसा(प्रैसवार्ता)। मानवता भलाई के कार्यों के लिए कभी पहचान रखने वाला डेरा सच्चा सौदा उलझनों में उलझा हुआ है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख यौन ...

डेरा सच्चा सौदा में स्थापना दिवस व जाम-ए-इंसा दिवस मनाने पहुंचे डेरा श्रद्धालु

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मानवता भलाई के कार्यों के लिए कभी पहचान रखने वाला डेरा सच्चा सौदा उलझनों में उलझा हुआ है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख यौन शोषण मामले में 20 वर्ष की सजा काट रहे है। डेरा प्रमुख को सजा होने के बाद डेरा सच्चा सौदा में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने लगी, क्योंकि सत्संग व अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए प्रशासन से मंजूरी नहीं दी। आज डेरा सच्चा सौदा में स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। प्रैसवार्ता के विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो हजारों की तादाद में डेरा श्रद्धालु डेरा सच्चा सौदा में एकत्रित हुए है। वहीं  प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए और डेरा सच्चा सौदा के आस-पास क्षेत्रों में नाके भी स्थापित किए हुए है।
आज के ही दिन हुई भी डेरा सच्चा सौदा की स्थापना
दरअसल सिरसा डेरा सच्चा सौदा के प्रथम संत शाह मस्ताना ने 1948 में डेरा को स्थापित किया था, जिस को लेकर हर साल डेरा में स्थापना दिवस मनाया जाता था। आज के ही दिन सिरसा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख ने 2007 में जाम-ए-इंसा की शुरुआत की थी, इसलिए जाम-ए-इंसा दिवस भी मनाया जाता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किये गए हैं। सुरक्षा प्रबंधो के चलते हर आने जाने वाले वाहनों पर निगाह रखी जा रही है। हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी हुई है।

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