सिरसा(प्रैसवार्ता)। नामधारी सिख पंथ की ओर से बुधवार को स्थानीय अनाज मंडी में रामनवमी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आर.एस...

सिरसा में गरजे आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नामधारी सिख पंथ की ओर से बुधवार को स्थानीय अनाज मंडी में रामनवमी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आर.एस.एस. प्रमुख डॉ. मोहन भागवत बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। डॉ. भागवत के कार्यक्रम में पहुंचने पर नामधारी समाज के सतगुरु दलीप सिंह ने उनका भव्य स्वागत किया। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों से काफी संख्या में श्रद्धालु भाग लेने पहुंचे। इसी के साथ देश-विदेश से साधु संत भी पहुंचे। कार्यक्रम में उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत देश का सम्मान हमारे लिए सर्वोपरि है। यहां अतिथियों को भी सम्मान दिया जाता है। हमारे सामने अगर कोई व्यक्ति भूखा हो, तो हम भोजन नहीं कर पाते। यहीं हमारे संस्कार है, यहीं हमारे देश की संस्कृति है।  उन्होंने कहा कि भारत देश का डंका आज पूरे विश्व में बज रहा है, इसलिए इस पर गर्व महसूस करें। हमारी एकता की मिसाल पूरे विश्व में दी जाती है, इसलिए देश में जातिवाद, धर्मवाद व लड़ाई-झगड़ों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के लिए स्वयं को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि जब लोग नि:स्वार्थ देश के हित के लिए कार्य करने लगेंगे, तो यकीनन हमारा भारत देश दुनिया के लिए सिमसोर साबित होगा।  उन्होंने कहा कि इस भारतीय धरां पर साधु-संतों व महापुरूषों अर्थात् भगवान अवतरित हुए है और उन्होंने एकता का अनूठा संदेश भी दिया है। वैसे भी भारत देश पूरे विश्व में अध्यात्मिक तौर पर पहचाना जाता है। इसलिए ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे देश की गरिमा को ठेस पहुंचे। श्री राम के दिखाए मार्ग पर चलें और उनके आदर्शों को जीवन में धारण करें। सतगुरु दलीप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हिंदुओं की एकता से ही नामधारी सिख पंथ बना है और इस रामनवमी पर्व का आयोजन भी हिंदू-सिखों की एकता का संदेश देने के लिए किया गया है। यह रामनवमी पर्व नामधारी पंथ किसी को मनाने के लिए नहीं मनाने के  लिए नहीं, अपितु समाज में हिंदू-सिख की अनूठी एकता को दर्शाने के लिए किया गया है। इस मौके पर  डॉ. सरेंद्र मल्हौत्रा, बजरंग लाल, देवी प्रसाद, हेमराज, विवेकानंद, रमेश गुप्ता, पवन कौशिक, राजेंद्र रातुसरिया, बृजमोहन, जगदीश चौपड़ा, अविनाश, प्रदीप रातसुरिया, राकेश वत्स, हरविंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

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