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18
July
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कमांडर के चयन में उलझी भाजपा हरियाणा

सिरसा (ग्रोवर/प्रैसवार्ता) जजपा से तालमेल कर अपनी दूसरी पारी खेल रही भाजपा हरियाणा में नये कमांडर को लेकर पेच फस गया है,क्योंकि कमांडर बनने के इच्छुकों का आंकडा काफी बढ गया है। मुख्यमंत्री हरियाणा अपनी पसंद का कमांडर चाहते है,जबकि राजनीतिक परिस्थितियां इसके विपरीत बनी हुई है। हरियाणा की राजनीति जाट बनाम गैरजाट की चपेट में आ चुकी है,जिसपर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व गंभीरता से मंथन कर रहा है। विधानसभा चुनाव में लुढके भाजपाई जाट दिग्गजों को आईना दिखा कर जाट मतदाताओं ने भाजपा के प्रति अपना निर्णय दे दिया था,मगर भाजपा के जजपा से तालमेल ने जाट मतदाताओं की नाराजगी में इजाफा कर दिया, जिसका फायदा इनैलो और कांग्रेस को मिला। जाट मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में लाने के लिए भाजपा को ऐसे कद्दावर जाट नेता की जरूरत है,जो इनैलो कमांडर अभय चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा तथा जजपा सुप्री दुष्यंत को राजनीतिक मात देने में सक्षम हो। भाजपा के जाट दिग्गज वीरेंद्र सिंह, कैप्टन अभिमन्यु, सुभाष बराला, ओ.पी.धनखड विधानसभा चुनाव में कलीन बोल्ड हो गये थे। गैरजाटों में सांसद नायब सैनी,सुनीता दुग्गल, रतनलाल कटारिया,पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, संदीप जोशी,कमल गुप्ता का नाम चर्चा में है। भाजपा के प्रमुख नेताओं से इस विषय को लेकर राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी.एल.संतोष, महामंत्री मुरलीधर राव तथा राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर फीडबैक ले चुके है। चर्चा है कि इस फीडबैक में सुनीता दुग्गल का पलडा भारी है,क्योंकि सांसद दुग्गल न सिर्फ दलित समाज से है,बल्कि एक दबंग चेहरा है,जो आई.आर.एस पद को अलविदा कहकर राजनीतिक मैदान में उतरी है। हरियाणा में कांग्रेस की प्रधान सैलजा भी एक दलित नेत्री है,जिसपर दुग्गल भारी पड सकती है,ऐसी संभावना नजर आ रही है। सुनीता दुग्गल को राजनीतिक पंडित लंबी राजनीतिक रेस का धावक मानकर चलते है। केवल इतना ही नहीं भाजपा का एक वर्ग जाट कमांडर की वकालत कर रहा है,ताकि अभय,हुड्डा और दुष्यंत से जाट मतदाताओं को भाजपा की तरफ ला सके। वर्तमान में भाजपा के जजपा के तालमेल से खफा जाट वोटबैंक भाजपा से दूर होकर इनैलो और भूपेन्द्र हुड्डा की तरफ तेजी से बढ रहा है। राज्य की राजनीतिक तस्वीर में भाजपाई जनाधार तेजी से खिसकता हुआ दिखाई दे रहा है,जिससे शीर्ष नेतृत्व चिंतित है। भाजपा हरियाणा की कमान कौन संभालेगा, यह तो निकट भविष्य में पता चल पायेगा, मगर फिलहाल सुनीता, अभिमन्यु और संदीप ही प्रबल दावेदार है।

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18
July
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अभय चौटाला के छक्के से 35 भारतीयों की वतन वापिसी

सिरसा (ग्रोवर/प्रैसवार्ता) दुबई में 35 भारतीय,जिनमें ज्यादातर सिरसा से ताल्लुक रखते हैं,की वतन वापसी करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले इनैलो कमांडर अभय चौटाला इन परिवारों के लिए एक मसीहा बनकर सामने आये हैं। कोरोना संक्रमण के चलते विभिन्न-विभिन्न कंपनियों में कार्यरत 35 भारतीयोँ की नौकरी चली गई ,तो उनका परिवार आर्थिक रुप से हिचकोले खाने लगा। वतन वापसी के लिए उपायुक्त कार्यालय सिरसा, दुबई स्थित भारतीय दूतावास,सिरसा के एक भाजपाई दिग्गज से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई, मगर कोई रिसपांस न मिलने पर दुबई के ही पुरुषोत्तम कुमार ने इनैलो कमांडर अभय चौटाला को मोबाइल पर जानकारी दी,तो उन्होंने तुरंत दुबई स्थित अपने परिचितों को कहा कि सभी भारतीय परिवारों की हरसंभव मदद की जाये और स्वयं वतन वापसी के लिए दूतावास, इंडियन एयरलाईंस से संपर्क बनाकर उनकी वतन वापसी के प्रयास शुरू कर दिये। सूत्रों के मुताबिक मात्र दस दिन में ही अभय चौटाला के प्रयासों से सभी 35 भारतीयों की सकुशल वतन वापसी हो गई है,जिन्हें प्रोटोकॉल अनुसार एकांतवास में रखा गया है। वतन वापसी के समस्त भारतीय परिवारों ने अभय चौटाला का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना मसीहा बताया है। अभय चौटाला के अनुसार उन्हें मोबाइल पर किसी पुरूषोत्तम कुमार ने 35 भारतीयों संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाई थी और मानवता के नाते उन्होंने उनकी वतन वापसी के प्रयास किए,जिसमें वह सफल रहे। इनैलों कमांडर का कहना है कि जनसेवा और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के संस्कार उन्हें स्व.चौ.देवी लाल और लोहपुरूष चौ.औमप्रकाश चौटाला पूर्व सी.एम हरियाणा से मिले है,जिनका वह सदैव पालन करते रहेंगे।

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18
July
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हृरियाणवी राजनीति में नये राजनीतिक प्लेटफार्म के आसार : डा. तंवर पर है फोक्स

सिरसा (ग्रोवर/ प्रैसवार्ता ) हरियाणवी राजनीति की बदल रही राजनीतिक परिस्थिति से ऐसे आसार नजर आने लगे है कि प्रदेश में कभी भी नया राजनीतिक प्लेटफार्म देखने को मिल सकता है। सत्तारूढ भाजपा-जजपा सरकार जनभावनाओं पर खरा उतरने में विफल दिखाई दे रही है,वहीं विपक्षी दल कांग्रेस का आपसी कलह से पीछा नहीं छूट रहा। हरियाणा में क्षेत्रीय दलों की कमी नहीं है,जिनकी कमान अनुभवी राजसी दिग्गज संभाले हुए हैं, जबकि हलोपा की उपस्थिति हरियाणा विधानसभा में दर्ज है। हरियाणा में यह चर्चा तेजी पकड रही है कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा.अशोक तंवर किसी भी समय हरियाणवी राजनीति में हलचल मचा सकते हैं क्योंकि कांग्रेस को अलविदा कहने उपरांत डा.तंवर ने पूरे प्रदेश का सर्वे कर स्वाभिमानी चेहरों से संपर्क बढाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के पद पर रहते हुए डा.तंवर ने पूरे प्रदेश के सभी वर्ग के लोगों में विशेष पहचान बनाई है। वर्तमान में भाजपा, जजपा और कांग्रेस में ऐसे कई राजसी दिग्गज है,जिनका फोक्स नये प्लेटफार्म पर है। भाजपा के दिग्गज मुख्यमंत्री से संतुष्ट नहीं है,जो यही स्थिति जजपा की है। कांग्रेस के ज्यादातर चेहरे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा की "चौधर" पसंद नहीं करते। राजनीतिक जादूगर गोपाल कांडा, जसचेपा कमांडर विनोद शर्मा, स्वराज अभियान के योगेंद्र यादव तथा लोक स्वराज पार्टी के सुप्रीमो रणवीर शर्मा को भी नये प्लेटफार्म का पक्षधर तो कहा जा सकता है,मगर इनका स्वाभिमानी मंच पर एकजुट होना आसान नजर नहीं आ रहा, क्योंकि इन राजनीतिक चौधरियों की "चौधर" की जंग को लेकर नये प्लेटफार्म की संभावना पर राजनीतिक "ग्रहण" लग सकता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राज्य के राजसी दिग्गजों की नजरें भी नये प्लेटफार्म पर लगी हुई है। नया राजनीतिक प्लेटफार्म कब बनेगा या नहीं,इस प्रश्न का उत्तर प्रश्न के गर्भ में है,मगर हरियाणवी मतदाता जरूर नये प्लेटफार्म की इंतजार कर रहे हैं,ऐसा राजनीतिक पंडित मानकर चल रहे है।

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18
July
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इनैलो कमांडर अभय चौटाला की धुआंधार राजनीतिक बैटिंग से कांग्रेस में कंपकपी

सिरसा (ग्रोवर/ प्रैसवार्ता ) इनैलों कमांडर अभय चौटाला की धुआंधार राजनीतिक बैटिंग से हरियाणा के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में कंपकंपी देखी जाने लगी है,क्योंकि हरियाणवी कांग्रेस के मौजूदा "चौधरी" पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेन्द्र हुड्डा से असंतुष्ट कांग्रेसी दिग्गजों का ह्रदय डगमगाने लगा है और उनमें कभी भी ह्दय परिवर्तन की लहर उमड सकती है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेता एंव पूर्व विधायक एन.के.शर्मा द्वारा इनैलों का "चश्मा" पहनने से कई प्रभावी कांग्रेसी दिग्गज "चश्मा" पहनने की फिराक में है और उन्होंने इनैलो कमांडर से संपर्क बनाने के प्रयास शुरू कर दिये हैं। हरियाणा की कई क्षेत्रीय पार्टियों का इनैलो में विलय के भी आसार बन सकते है। इनैलो के बढ रहे राजनीतिक परिवार ने सत्तारुढ भाजपा-जजपा, कांग्रेस में हलचल मचा दी है। भाजपा-जजपा के बाद इनैलो ने भी आपसी कलह से जूझ रही कांग्रेस में सेंधमारी के लिए मोर्चा खोलते हुए भूपेन्द्र हुड्डा को राजनीतिक रूप से क्लीन बोल्ड करने की योजना पर अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इनैलो कमांडर अभय चौटाला की राजनीतिक सक्रियता से हरियाणवी राजनीति के मानचित्र में बदलाव देखा जाने लगा है। हरियाणा के जाटलैंड कहे जाने वाले रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद में स्व.चौ. देवीलाल ताऊजी को समर्पित मतदाताओं की कमी नहीं है,जिनका विश्वास आज भी ताऊजी के राजनीतिक वारिस चौ. औऊम प्रकाश चौटाला के प्रति बरकरार देखा जा सकता है। इनैलो में बिखराव उपरांत जाट मतदाताओं का रूझान इनैलो से अलग होकर बनी क्षेत्रीय पार्टी जजपा की तरफ बढ गया था,मगर जजपा के भाजपा से तालमेल से स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हुए इनैलो की तरफ धीरे-धीरे बढने लग गये हैं। राजनीतिक जादूगर अभय चौटाला ने मौजूदा राजनीतिक तस्वीर को देखते हुए जाट मतदाताओं के साथ-साथ नाराज चल रहे राजसी दिग्गजों को "चश्मा" पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जाट बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र बरोदा उपचुनाव के बाद हरियाणवी राजनीति नई करवट ले सकती है,ऐसा राजनीतिक पंडितों का विचार है ।

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18
July
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* एक्सक्लुसिव* बरौदा उपचुनाव : गठबंधनीय सरकार का फोक्स रणजीत सिंह पर

सिरसा (ग्रोवर/ प्रैसवार्ता) हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन रहे बरौदा विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने ऐसे राजसी दिग्गज की तलाश शुरू कर दी है,जो उपचुनाव में विजयी परचम फहरा सके। जाट बाहुल्य इस विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव को लेकर इनैलो, कांग्रेस ने सक्रियता बढा दी है,जबकि भाजपा-जजपा का संयुक्त प्रत्याशी मैदान में उतरेगा। जनचर्चा के अनुसार इस क्षेत्र में स्व.चौ.देवीलाल "ताऊ जी " के समर्थक काफी मतदाता है,जो निर्णायक भूमिका की क्षमता रखते है। क्षेत्र में भाजपा-जजपा से कहीं ज्यादा मतदाताओं का रूझान इनैलो व कांग्रेस पक्षीय नजर आ रहा है। इनैलो व कांग्रेस में सेंधमारी के लिए भाजपा शीर्ष नेतृत्व का फोक्स निर्दलीय विधायक एवं बिजली मंत्री हरियाणा रणजीत सिंह पर फोक्स बन रहा है,जो न सिर्फ ताऊजी के बेटे है,बल्कि इनैलो सुप्रीमो चौ.ओऊम प्रकाश चौटाला के छोटे भाई व जजपा संरक्षक डा.अजय चौटाला के सगे चाचा है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में ज्यादा समय राजनीति कांग्रेस में करने वाले रणजीतसिंह कांग्रेसी दिग्गज भूपेंद्र हुड्डा व डा.अशोक तंवर के करीब रहे है,जो कांग्रेस समर्थक मतदाताओं की सोच भी बदल सकते है। भाजपा का एक वर्ग रणजीतसिंह को संयुक्त प्रत्याशी बनाने की वकालत कर रहा है,जो इनैलो, कांग्रेस में सेंधमारी के साथ-साथ ताऊजी के समर्थक मतदाताओं को आकर्षित कर सकते हैं,जबकि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस उपचुनाव की कमान रणजीत सिंह को देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। रणजीत सिंह ताऊजी के सोनीपत लोकसभा चुनाव की कमान बखूबी संभाल चुके हैं। इस उपचुनाव में रणजीत सिंह प्रत्याशी होगें या चुनाव कमान संभालेगे, यह तो आने वाला समय ही बतायेगा,मगर इस उपचुनाव को लेकर रणजीतसिंह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के फोक्स पर है।

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